आरबीआई डिप्टी गवर्नर का FE Modern BFSI Summit 2026 में संबोधन: वित्तीय क्षेत्र में विकास, भरोसा और मजबूती पर जोर
संबोधन की मुख्य बातें
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जे ने 15 अक्टूबर 2026 को मुंबई में FE Modern BFSI Summit 2026 में विशेष संबोधन दिया। RBI ने यह भाषण 21 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित किया। सम्मेलन का विषय "The Next Balance Sheet: Growth. Trust. Resilience." था।
उन्होंने त्योहारी सीज़न का जिक्र किया, जिसे पहले क्रेडिट नीति के लिए "व्यस्त मौसम" कहा जाता था। उनके अनुसार वित्तीय क्षेत्र के लिए यह अवसर भी है और जिम्मेदारी भी। वित्त भरोसे को आर्थिक गतिविधि में बदलता है, लेकिन यह क्षमता ग्राहकों के संस्थाओं पर भरोसे पर निर्भर करती है।
वित्तीय प्रणाली की स्थिति और चुनौती
भाषण में कहा गया कि भारतीय वित्तीय प्रणाली मजबूती की स्थिति से अगले चरण में प्रवेश कर रही है, जहां परिसंपत्ति गुणवत्ता बेहतर है और पूंजी की स्थिति आरामदायक है। चुनौती यह है कि प्रणाली के बढ़ने, अधिक तकनीक-प्रधान होने और अधिक आपस में जुड़ने के साथ ये खूबियां बनी रहें।
इसी संदर्भ में उन्होंने 3 प्रस्ताव रखे। पहला प्रस्ताव यह है कि संस्थाएं जब विकास की ओर बढ़ें और प्रक्रियागत बाधाएं हटाएं, तब नियंत्रण से जुड़े पहलू भी ध्यान में रहें। उपलब्ध अंश में बाकी प्रस्तावों का विवरण नहीं है।
EA ट्रेडिंग के लिए नोट्स
नीतिगत बयानों और आधिकारिक प्रकाशनों के आसपास बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है और स्प्रेड चौड़े हो सकते हैं। ऐसे समय में स्वचालित ट्रेडिंग प्रणालियों का व्यवहार बदल सकता है, इसलिए कार्यक्रम से जुड़े घंटों में EA को कुछ समय के लिए रोकने पर विचार किया जा सकता है। जोखिम प्रबंधन की सेटिंग्स की नियमित समीक्षा भी उपयोगी रहती है।
स्रोत: Reserve Bank of India (RBI)
यह लेख आधिकारिक घोषणाओं के आधार पर AI द्वारा तैयार किया गया सार है और निवेश संबंधी सलाह नहीं है। आँकड़ों और तिथियों की पुष्टि कृपया स्रोत से अवश्य करें।