RBI ने ऑपरेशनल रिस्क की न्यूनतम पूंजी आवश्यकताओं पर दूसरे संशोधन निर्देश जारी किए
घोषणा का सार
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 23 Oct 2026 को Reserve Bank of India (Commercial Banks – Forthcoming Instructions) Second Amendment Directions, 2026 जारी किए। ये निर्देश ऑपरेशनल रिस्क के लिए न्यूनतम पूंजी आवश्यकताओं से जुड़े हैं।
पृष्ठभूमि
RBI ने 28 नवंबर 2025 को Commercial Banks – Forthcoming Instructions Directions, 2025 जारी किए थे। इनके अध्याय IV में ऑपरेशनल रिस्क की न्यूनतम पूंजी आवश्यकताएं तय की गई थीं और कहा गया था कि लागू होने की प्रभावी तारीख तथा बिज़नेस इंडिकेटर (BI) के घटकों की वित्तीय विवरणों के शेड्यूल और लाइन आइटम से संकेतात्मक मैपिंग बाद में बताई जाएगी। गवर्नर ने 01 Oct 2025 के अपने वक्तव्य में घोषणा की थी कि वाणिज्यिक बैंकों के लिए संशोधित Basel III पूंजी पर्याप्तता ढांचा 01 Apr 2027 से प्रभावी होगा। इसमें स्मॉल फाइनेंस बैंक, पेमेंट्स बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक शामिल नहीं हैं। इसके अलावा, इन निर्देशों के बाद बेसल समिति ने कुछ अतिरिक्त स्पष्टीकरण भी जारी किए हैं।
नए संशोधन में क्या है
इन घटनाक्रमों को देखते हुए RBI ने नया संशोधन जारी किया है। इसमें ऑपरेशनल रिस्क की न्यूनतम नियामकीय पूंजी के लिए नए मानकीकृत दृष्टिकोण (Basel III SA) को लागू करने की तारीख बताई गई है, BI घटकों की संकेतात्मक मैपिंग दी गई है और अतिरिक्त स्पष्टीकरण शामिल किए गए हैं।
EA ट्रेडिंग के लिए नोट्स
नियामकीय घोषणाओं के आसपास बाज़ार में अस्थिरता बढ़ सकती है और स्प्रेड चौड़े हो सकते हैं। ऐसे समय में EA के संचालन की सावधानी से समीक्षा करना ज़रूरी है। प्रमुख घोषणाओं के आसपास EA को अस्थायी रूप से रोकने पर विचार किया जा सकता है।
स्रोत: Reserve Bank of India (RBI)
यह लेख आधिकारिक घोषणाओं के आधार पर AI द्वारा तैयार किया गया सार है और निवेश संबंधी सलाह नहीं है। आँकड़ों और तिथियों की पुष्टि कृपया स्रोत से अवश्य करें।